तमिलनाडु बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में पूछा, मंदिरों को ‘उद्योग’ के रूप में कैसे वर्गीकृत किया जा सकता है? भारत समाचार
नई दिल्ली: तमिलनाडु हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती आयुक्त ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1978 में तय की गई ‘उद्योग’ की परिभाषा पर सवाल उठाया और कहा कि यह मंदिरों को कैसे कवर कर सकता है, जबकि उनमें से अधिकांश का रखरखाव उनमें से कुछ को दान से प्राप्त अधिशेष धन से किया जाता…