मौन जप बनाम तीव्र जप: अर्थ, लाभ और क्या बेहतर काम करता है
जप का अर्थ केवल मंत्र दोहराना नहीं है। यह पारंपरिक विज्ञान है जो मानव शरीर को ब्रह्मांड और ब्रह्मांडीय व्यवस्था के अनुरूप बनाता है। एक मानव शरीर की कल्पना पंचकोशों से की जा सकती है – अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय, और त्रि शरीर – स्थूल शरीर, सूक्ष्म शरीर और कारण शरीर। जप हर…