केवल सप्तपदी का अभाव ही विवाह को अमान्य नहीं कर सकता: हिंदू विवाह पर दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि धारा 7 एक समान अनुष्ठान की आवश्यकता को निर्धारित नहीं करती है बल्कि प्रथागत प्रथाओं की विविधता को मान्यता देती है। (एआई छवि) विवाह की वैधता के पक्ष में कानूनी धारणा को बहाल करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय यह माना गया है कि, सप्तपदी के प्रदर्शन को…